लोग कहते है वो बहुत मासूम है
पर लोगो को क्या खबर,
इन मासूम निगाहों ने जाने कितने ही क़त्ल किये है
पर लोगो को क्या खबर,
इन मासूम निगाहों ने जाने कितने ही क़त्ल किये है
आज भी उसी मोड़ पर खड़ा हूँ, जहाँ कभी उन्होंने कहा था हमसे.......... तुम ठहरो हम आते है और आज तक लौट के ना आये... थक चुकी है आँखे उनका इंतजार करते-करते........ पर उम्मीद की किरणे आज भी मेरे दिल में जिन्दा है....